मुरारी बापू को सनातन धर्म विरोधी साबित करने के बजाय हमें इस प्रकरण को अलग तरीके से देखने की जरूरत है : जगतगुरू विनैका बाबा

जय श्री राम जय बजरंगबली

समस्त धर्म आचार्यों एवं सनातन धर्म प्रेमियों से अनुरोध करना चाहता हूं कि, इस समय जो सोशल मीडिया में चल रहा है इसकी गंभीरता को समझें इससे हमारे सनातन धर्म की ही चर्चा हो रही है।
जिस तरह की भाषा ओर टिप्पणी Facebook, Youtube और अन्य social मीडिया में देख रहा हूं, मन में विचार उत्पन्न होता है के इन्हे सनातन धर्म की परवाह है, या ये खुद का कोई प्रोपेगेंडा साधने के लिए इस घटना का लाभ उठा रहे हैं।
कई संगठन चाह रहे हैं कि सनातन धर्म में इसी तरह बिखराव हो कई लोग आजकल सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी कर रहे है, जो अत्यंत दुखद है। हम सही से अपने इतिहास की तरफ देखें तो ऐसे उत्तेजित और प्रोपेगैंडा साधने जैसे लोगों की वजह से कई बार सनातन धर्म को नुक़सान उठाना पड़ा है।
अतः मैं कहना चाहता हूं के किसी भी स्थिति को समझदारी से भी समझा जा सकता है और उचित हल निकाला जा सकता है, क्योंकि एक बात तो तय है, 98 % जो facebook पे गलियों का इस्तेमाल कर रहे है, वो बस facebook तक ही है, उसके बाद उन्हें किसी चीज से मतलब नहीं रहने वाला।
इस घटना क्रम को हमें समझदारी से देखना चाहिए, मुरारी बापू ने क्या कहा यह आप सबको विदित है, लेकिन इसके साथ ही हमें मुरारी बापू की अन्य गतिविधियों को भी देखना पड़ेगा,तभी हम एक ईमानदार निर्णय तक पहुंच पाएंगे और हालत हो उस तरह समझ पाएंगे जिस तरह वो है,

मुरारी बापू एक ऐसे व्यक्तित्व भी हैं, जिन्होंने अपने जीवन के कई साल प्रभु श्रीराम और कृष्ण भजन में बिताया है, मैं कई बुजुर्ग संत ब्राह्मणों से किताबों में शास्त्रों में पढ़ा हूं, कई ऐसे लोग थे जिनके मुख से एक बार राम शब्द निकल जाने से उसके समस्त अपराध भगवान क्षमा कर देते हैं। तो मुरारी बापू के मुख से लाखों करोड़ों बार राम नाम का उच्चारण हुआ है, बचपन से ही वो राम नाम की कथा एवं राम नाम का प्रचार करते हैं। तो अगर उन्होने भावना में बह कर कुछ ऐसा कह दिया जो सनातन धर्म के नियमो के अनुसार नहीं है, और सनातन धर्म प्रेमियों को ठेस पहुंचाती है, इसका ये मतलब एकदम नहीं निकलता के लोग उन्हें अपशब्द बोलने लगे, क्योंकि अगर आप सनातन धर्म का पालन करते हैं तो किसी जड़ और चेतन के लिए भी आपके मुंह से अपशब्द नहीं निकलना चाहिए, सनातन धर्म ने जीवन के हर एक पहलू को इज्जत से देखना सिखाया है, लेकिन मुरारी बापू को गालियां देने वाली कितना सनातन धर्मी हैं ये भी वैचारिक मंथन का विषय है,
मुरारी बापू तो फिर भी इंसान हैं और मुरारी बापू तो उसके लिए क्षमा भी मांग चुके हैं।
जब भगवान एक बार राम नाम लेने से उनके अपराध माफ कर देते हैं तो मान्यवर धर्माचार्य एवं सनातन धर्म प्रेमियों मेरा अनुरोध है कि आप लोग भी उनको क्षमा कर दें, और उन अत्यधिक उजेत्तित लोगों में शामिल होने से बचे जिन्हें सनातन धर्म से ज्यादा परवाह अपनी भावनाओं की है।

अगर उनको क्षमा कर देंगे बहुत अच्छा होगा क्योंकि हमें ये भी समझना होगा के इसकी जो चर्चा चल रही है यह चर्चा में बहुत ज्यादा कुछ संगठनों को आनंद मिल रहा है, कुछ ऐसे लोग हैं जिनका उद्देश्य है सनातन धर्म को मंच पर ला कर उसपर कीचड़ उछालना, मैं मुरारी बापू का भक्त तो नहीं हूं ना मैंने कभी मुरारी बापू के मंच पर या कथा पंडाल में जाकर उनकी कभी कथा सुनी है। राम का प्रचार कर रहे हैं इस कारण मुझे उनसे सहानुभूति है।

तो प्रबुद्घ जनो से मेरा अनुरोध रहेगा के खुद ही मोरारी बापू की बुराई में इस कदर ना बहे के खुद ही सनातन धर्म की सीमा परिभाषा और उसके मूल्यों को ताक पर रख दे
मैं आप सबसे विशेष तौर पर आग्रह करता हूं क्षमा मांगने के बाद क्षमा करना भी सनातन धर्म की ही परंपरा है, सनातन धर्म यही सिखाता है हम, इस बात पर विशेष ध्यान देने की कृपा करें।

क्योंकि मुरारी बापू के क्षमा मांगने के बाद भी अनपर अपशब्दों से हमला करने वाले सिर्फ वहीं लोग हो सकते है, जो ये चाहते हैं के ये मामला कैसे भी शांत ना हो क्योंकि ऐसे लोगों का उद्देश्य इस तरह की घटनाओं से व्यक्तिगत लाभ कमाना ही होता है,
मेरे ये विचार सब लोगों के बारे में नहीं, कुछ लोगों के बारे में ही है, लेकिन मेरा प्रबुद्घ जानो और सनातन धर्म के प्रतिष्ठत धर्माचार्यों से अनुरोध है के किसी भी तरह, मुरारी बापू की ये घटना किसी के प्रचार प्रसार का साधन ना बने
महात्माओं को भगवान की मूर्ति माना गया है, अगर संत महात्मा धर्माचार्य मुरारी बापू जी को क्षमा कर देंगे तो ये उनका कद सनातन धर्म में और ऊंचा कर देगा।

जगतगुरू विनैका बाबा

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