आज भी सत्ता की चाह रखने वाले चल रहे हैं, “अबाध शासन करना है तो बुद्धिजीवियों और राष्ट्रभक्तों का समूल उन्मूलन करना ही होगा.

गुलामी के दिन थे। प्रयाग में कुम्भ मेला चल रहा था। एक अंग्रेज़ अपने द्विभाषिये के साथ वहाँ आया। गंगा के किनारे एकत्रित अपार जन समूह को देख अंग्रेज़ चकरा…

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सदैव याद रखें कि संसार में जो हो रहा है,वह सब ईश्वरीय विधान है! हम और आप तो केवल निमित्त मात्र हैं!

मैं न होता तो क्या होता “अशोक वाटिका" में जिस समय रावण क्रोध में तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ातब हनुमान जी को लगा कि इसकी…

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जब बाली को ब्रम्हा जी से ये वरदान प्राप्त हुआ,,
की जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा,,
उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी

आज आपको हनुमान जी एक लोक कथा के बारे में बताने जा रहा हूँ,*जिसका विवरण संसार के किसी भी पुस्तक में आपको शायद ही मिलेगा.. जय श्री राम,कथा का आरंभ…

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की जो भी उससे युद्ध करने उसके सामने आएगा,,
उसकी आधी ताक़त बाली के शरीर मे चली जायेगी

माघ मास महात्म्य द्वितीय अध्याय

माघ एक ऐसा माह जो भारतीय संवत्सर का ग्यारहवां चंद्रमास व दसवां सौरमास कहलाता है। दरअसल मघा नक्षत्र युक्त पूर्णिमा होने के कारण यह महीना माघ का महीना कहलाता है।…

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अलौकिक प्रसन्नता: एक प्रेरणादायक कहानी

अपने अतिथि , एक करोड़पति से पूछा ,आपने जीवन में सबसे अधिक खुशी का एहसास कब महसूस किया?करोड़पति ने कहा - मैं जीवन में खुशियों के चार पड़ावों से गुजरा…

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कौन थे राजा वीर विक्रमादित्य, और क्या है उनका एतिहासिक महत्व

बड़े ही शर्म की बात है कि महाराज विक्रमादित्य के बारे में देश को लगभग शून्य बराबर ज्ञान है, जिन्होंने भारत को सोने की चिड़िया बनाया था, और स्वर्णिम काल…

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